माँ दुर्गा की आरती,Durga Maa Ki Aarti,Durga Pooja Aarti In Hindi,Durga Maa Aarti Lyrics

माँ दुर्गा जी की आरती हिंदी में

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माता दुर्गा जी की आरती
durga maa ki aarti

Durga Aarti | माँ दुर्गा जी की आरती

दुर्गा का अर्थ है,हिंदू धर्म में देवी दुर्गा देवी का नाम है जो शक्तिके पुनर्जन्म हैं। वह पार्वती, अंबिका या संतोषी माता जैसे कई अन्य नामों से भी जानी जाती है। और दैत्यों का संहार करने वाली और दुष्टता का नाश करने वाली होती है, दुर्गा पूजा के दस दिनों के त्योहार के दौरान उनकी पूजा की जाती है। और भारत के अलग अलग राज्यों में दुर्गा पूजा के पवन त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, और लोग एक दुसरे को सुभकामना देते है और माता रानी से सुख समर्धि की कमाना करते है, तो चलिए हम सुनते है दुर्गा माता की आरती जिसके नियमित गान से सभी दुःख दूर भाग जाते है, जय अम्बे गौरी: माँ दुर्गा जी की आरती mata ki aarti

Durga Aarti | दुर्गा आरती | Maa Amba Ji Ki Aarti

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी, ॐ जय अम्बे,,,

मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को
उज्जवल से दो नैना चन्द्र बदन नीको, ॐ जय अम्बे,,,

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे
रक्त पुष्प दल माला कंठन पर साजे, ॐ जय अम्बे,,,

केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी, ॐ जय अम्बे,,,

कानन कुण्डल शोभित नासग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर राजत सम ज्योति, ॐ जय अम्बे,,,

शुम्भ निशुम्भ विडारे महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती,  ॐ जय अम्बे,,,

चण्ड मुंड संहारे सोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोऊ मारे सुर भयहीन करे, ॐ जय अम्बे,,,

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी, ॐ जय अम्बे,,,

चौसठ योगिनी मंगल गावत नृत्य करत भैरु
बाजत ताल मृदंगा और बाजत डमरु, ॐ जय अम्बे,,,

तुम ही जग की माता तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुःख हरता सुख सम्पत्ति कर्ता ॐ जय अम्बे,,,

भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी
मन वांछित फ़ल पावत सेवत नर-नारी, ॐ जय अम्बे,,,

कंचन थार विराजत अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत कोटि रत्न ज्योति, ॐ जय अम्बे,,,

श्री अम्बे जी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपत्ति पावे.

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी.

अब जाने माँ दुर्गा जी की आरती का जब करने के क्या लाभ है :

माँ दुर्गा जी की आरती के जाप के बहुत सारे लाभ हैं। सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि मां दुर्गा की आरती करने से मन को अपार शांति मिलती है। माँ दुर्गा आरती का जाप किसी व्यक्ति से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है।

माँ दुर्गा जी की आरती ईश्वरीय शक्ति के सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक मंत्र है जो इसे सुनने वाले पर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव डाल सकता है। माँ दुर्गा का आशीर्वाद लेने के लिए दुर्गा आरती गाई जाती है।

जब कोई दुर्गा आरती करता है तो उसे शक्ति मिलती है क्योंकि आरती सभी प्रकार के भय को दूर करती है जो दिल की गहराई में छिपे हुए हैं। यह विश्वास और आशा की जादुई शक्ति है जो व्यक्ति को आत्मविश्वास हासिल करने और जीवन में बेहतर करने में सक्षम बनाता है। आरती के जप से एक सकारात्मक आभा पैदा होती है और एक व्यक्ति अपनी सभी समस्याओं को पीछे छोड़ने में सक्षम होता है.

जब एक व्यक्ति देवी दुर्गा की पूजा करता है माता दुर्गा जी की आरती का नियमित जाप करता है माता रानी का आशीर्वाद उसके ऊपर हमेशा बना रहता है और वह कभी दुखी नही होता जो भी वह सच्चे मन से मांगता है. mata ki aarti

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